Essay Writing, Letter Writing, Notice Writing, Report Writing, Speech, Interview Questions and answers, government exam, school speeches, 10 lines essay, 10 lines speech

Recent

Search Box

Sunday, September 6, 2020

मेरा प्रिय खेल बैडमिंटन पर निबंध - Essay on My Favourite Game Badminton In Hindi

Hello my viewers in this article we will learn that how to write My Favourite Game Badminton Essay In Hindi.

मेरा प्रिय खेल बैडमिंटन पर निबंध (350 Words)

बैडमिंटन का खेल मेरा पसंदीदा खेल है। यह खेल मुझे इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि मैं यह खेल अपने घर के आस-पास कहीं भी खेल सकता हूँ। मैं अपनी बहन, भाई और दोस्तों के साथ खेलता हूँ लेकिन कभी कभी मेरे माँ और पिताजी भी खेल में शामिल हो जाते हैं। बैडमिंटन मैं बचपन से खेल रहा हूँ। मैंने बैडमिंटन खेलना तब शुरू कर दिया था जब मैं केवल 9 साल का था। मैं यह बैडमिंटन का खेल सुबह और शाम दोनों समय खेलता हूँ क्योंकि यह खेल मुझे हमेशा उर्जावान बनाये रखता है। यह खेल मुझे सर्दियों के मौसम में खेलना बहुत पसंद है।
Essay on My Game Badminton In Hindi
Badminton Pic
बैडमिंटन रैकेट द्वारा खेले जाने वाला एक लोकप्रिय खेल है। इस खेल को खेलने के लिए एक छोटे मैदान की जरुरत होती है। खेल के मैदान के बीचो-बीच एक जाली (प्लास्टिक का जाल) लगाया जाता है जो कि दोनों तरफ के खिलाड़ियों के लिए एक सीमा का काम करता है। बैडमिंटन खेलने के लिए ज्यादा लोगों की जरुरत नहीं होती है। इस खेल को दो लोगों के बीच खेला जाता हैं और ज्यादा से ज्यादा चार लोग खेल सकते हैं। बैडमिंटन एक आसान खेल है। इस खले को खेलने के लिए दो रैकेट और शटलकॉक चाहिए होता है। शटलकॉक इस खेल में गेंद की तरह काम करता है। शटलकॉक को एक पक्षी के पंखों से बना होता है। बैडमिंटन खेलते समय अपने प्रतिद्वंद्वी की दिशा में शटलकॉक को मारना होता है। इस खेल में अधिकतम अंक 21 होते है। दिए हुए समय शीमा के अन्दर जो खिलाडी ज्यादा अंक बनाता है, वह विजेता कहलाता है।

मैं अपने खाली समय के दौरान बैडमिंटन खेलना पसंद करता हूँ। स्कूल में भी हमारे शिक्षक हमें बैडमिंटन खिलाते है। मैंने अपने स्कूल के बैडमिंटन प्रतियोगिता में इनाम भी जीता है। इस खेल को मैं हमेशा इसलिए भी खेलता हूँ क्योंकि यह खेल हमारा शरीर फिट रखता है और हमें मोटा होने से बचाता है।

YouTube : Silent Course
Facebook : Silent Course

3 comments: